कोरोना से हो रही मौत की जिम्मेदार केंद्र और बिहार की सरकार:सुभाष यादव

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कोरोना से हो रही मौत की जिम्मेदार केंद्र और बिहार की सरकार:सुभाष यादव

सोनू आलम बलुआ बाजार सुपौल

सुपौल-जाप के जिला उपाध्यक्ष सुभाष कुमार यादव ने कहा पिछले साल कोरोना वायरस कोविड-19 ने जहां पूरी दुनिया को तहस-नहस करके रख दिया तो उसी वायरस ने कई लोगों को भूखे मारा तो कितनों को कोरोना अपने चपेट में ले लिया उसी कोरोना  वायरसके वक्त सरकार चुनावी रेलिया कराती रही है और बड़ी भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा करवाती रही उस वक्त ना ही कोरोना फैला हुआ था और ना ही किसी की मौत कारणों से हो रही थी श्री यादव ने कहा कि एक बात बता दूं कि जिस तरीके से कोरोना ने एक बार फिर पूरे देश में भयानक रूप लिया है। और ऐसे बदतर ढ़ा स्थिति में लड़ने की बिहार में सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल में नो ही ऑक्सीजन और ना ही कोरोना पेशेंट के लिए बेड है इस बदहाली का जिम्मेवार बिहार की सरकार है सरकार न तो वे वक्त पर ऑक्सीजन मुहैया करा पा रही है और ना ही वक्त पर दवा उपलब्ध करा पा रही है जो ऑक्सीजन बचा भी है उसे भी यहां के दवा माफिया ब्लड में बेच रहे हैं जहां कोरोना से हो रही मौत का आंकड़ा दोगुनी होती जा रही है वहीं सरकार इस बात पर चुप्पी साधी हुई है ।

कोरोना कि इस भयंकर बीमारी से निपटने के लिए जिस दवाई रेमडेसिविर की सबसे ज्यादा मांग उठ रही है उसकी भी कालाबाजारी शुरू हो चुकी है ऐसे में इस डबल इंजन की सरकार को विफल देखकर जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कोरोना से झेल रहे मरीजों के लिए वक्त में दवा और ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे हैं उन्होंने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जो 7004091130,6209213920,9122162845 इस नंबर पर फोन करके आप मदद ले सकते हैं श्री यादव सुभाष ने कहा मैं सरकार की यही मांग करता हूं कि सरकारी अस्पताल और अधिकांश निजी अस्पतालों से बेहतर है की मरीज अपना इलाज घर पर रहकर डॉक्टर की निगरानी में करें। बिहार सरकार ने नरसंहार किया है। दवा और ऑक्सीजन के अभाव में रोजाना सैकड़ों मौते हो रही हैं । केंद्र सरकार बिहार के हिस्से का ऑक्सीजन अभी तक नहीं दे पाई। हमारी मांग है कि केंद्र सरकार बिहार में वेंटिलेटर, बेड औऱ ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाए , जिससे लोंगों का इलाज कराया जा सके। कि जल्द से जल्द सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में दवा बेड और ऑक्सीजन की मुहैया कराया जाए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।

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