मधेपुरा – समाज सेवा, छात्र और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए संघर्ष करते रहेंगे- ईं मुरारी ।

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मधेपुरा बिहार –  इन दिनों सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से निकल कर इंजीनियरिग करने के सफर में कोसी के लाल ई. मुरारी ने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए एक अलग मुकाम हासिल की है। मूल रूप से ग्वालपाड़ा प्रखंड के टेमभेला के औषधीय किसान शंकर कुमार के पुत्र ई मुरारी दिल्ली से इंजीनियरिग की डिग्री प्राप्त कर यही सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। समता का अधिकार को लेकर संघर्षरत मुरारी से प्रभावित होकर बिहार के कई वरीय अधिकारी उन्हें नि:स्वार्थ सहयोग कर रहे हैं। वे छात्र जीवन काल से ही पढ़ाई के साथ साथ सामाजिक कार्यों में जनता के हित के लिए संघर्षरत रहे हैं।

सहयोग कि अपील

समाज के लिए इन्होंने खासकर जरूरतमंद गरीब और निसहाय लोगो को कानूनी रूप से मदद किया है। 2008 में आई प्रलायांकरी बाढ़ में सरकार ने केवल बीपीएल, एपीएल व अन्नपूर्णा योजना के तहत कार्डधारी परिवारों को ही राहत देने की की घोषणा की थी। इससे समाज में बिना कार्डधारी परिवार जो की निहायत गरीब और लाचार थे वे लाभ से वंचित हो गए। उन्हें आपदा मद से लाभ दिलाने के लिए सबसे पहले ई मुरारी सामाजिक आंदोलन में कूद पड़े। वे लंबा संघर्ष कर बिन कार्ड धारी गरीब मजदूर को राहत का लाभ दिलाया। इसके अलावा आम लोगों के लिए आरटीआइ अधिनियम के तहत समाज के वंचित को अधिकार दिलाने के लिए सरकारी सेवको को मजबूर किया। इसमें काफ संघर्ष के बाद सफलता तो उन्हें मिली लेकिन कानूनी मुकदमा ने उसे झकझोर कर दिया। समाज के पीड़ित हजारों लोगों ने इस मुहिम में उनका साथ दिया। बेबस लाचार व बीमार लोगों की बन गए हैं आवाज समाज के दबे कुचले हर व्यक्ति के जुबान पर ई मुरारी का नाम रहता है। वो सदर अस्पताल से लेकर मेडिकल कालेज तक बेबस लाचार व बीमार लोगों की आवाज बन गए हैं। इंजीनियरिग कर वे लगातार समाज सेवा से जुड़ा हुआ है। 2017 में जाप छात्र परिषद से छात्र जीवन शुरू करने वाले मुरारी की आज एक अलग पहचान बन गया है। वे वर्ष 2019 में आल इंडिया स्टूडेंट यूनियन की स्थापना की।

इसके बाद 2020 में आल इंडिया कोर कमेटी के सदस्यों ने इनको आल इंडिया स्टूडेंड यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। वे कोरोना महामारी के समय अपनी जान की परवाह किये बगैर मधेपुरा मेडिकल कालेज व सदर अस्पताल सहित अनेकों जगह कोरोना पीड़ित की मदद कर रहे थे। लगातार भूपेंद्र नारायण मंडल विश्विद्यालय में छात्रों के समस्या के समाधान को लेकर तत्पर रहते हैं। हमेशा समता के अधिकार के लिए सजग रहते हैं और लोगों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुरारी कहते हैं कि संघर्ष के सफर में कभी-कभी बड़े पदाधिकारी मुकदमा कर देने का भय भी दिखाते हैं फिर भी डरते नहीं हैं। समाज सेवा, छात्र और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

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