सहरसा सोनवर्षा राज -बड़सम गांव में 9 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ का हुआ आयोजन,कथा सुनने वाले भक्तों की उमड़ी भीड़।

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26 अगस्त को कलशयात्रा के साथ कथा यज्ञ का हुआ शुभारंभ, 4 सितंबर को होगा समापन।

सोनबरसा राज प्रखंड क्षेत्र बड़सम गांव में 9 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ आयोजन। यह कथा सर्व धर्म समन्वय सनातन गौ सेवा परिवार के तत्वाधान में बड़सम गांव में मध्य विद्यालय के प्रांगण में किया जा रहा है। सोमवार को कथा के माध्यम से सरल संत शिरोमणि श्री प्रमोद वशिष्ठ जी महाराज “राधेय ” ने बताया की जिस व्यक्ति की मृत्यु सातवें दिन हो उसको क्या करना चाहिए ? भागवत कथा के पांच वे दिन की शुरुआत भागवत आरती और विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई।

श्रीमद्भागवत कीअमर कथा एवं शुकदेव जी के जन्म का वृतांत विस्तार से वर्णन किया था। कैसे श्रीकृष्ण ने शुकदेव महाराज को धरती पर भेजा भगवत कथा गायन करने को ताकि कलियुग के लोगों का कल्याण हो सके। श्री प्रमोद वशिष्ठ जी महाराज ने मानव के शरीरों को नवद्वारे महल बताया । सभी नो द्वारों कोन सब है सभी महत्व भी विस्तारकार बताया।साथ ही राजा परिक्षित को श्राप लगने का प्रसंग सुनाया था।  इसमें बताया कि राजा परीक्षित की सातवें दिन मृत्यु सर्प के डसने से हो जाएंगी।

जिस व्यक्ति को यहां पता चल जाये की उसकी मृत्यु सातवें दिन हो वो क्या करेगा क्या सोचेगा ? राजा परीक्षित ने यह जान कर उसी क्षण अपना महल छोड़ दिया। वही कथा के साथ-साथ सभी देवी देवताओं का आकर्षक झांकियां भी दिखाया जाता है । कथा को सुनने के लिए लोग दूरदराज से भी काफी संख्या में आ रहे हैं।यह कथा बिते 26 अगस्त को कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ और 4 सितंबर तक चलेगा। कथा संध्या 4 बजे से 8 बजे तक चलता है।

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